मंगलवार, 26 अगस्त 2008

मैनेज करें मेडिसिन की दुनिया

फार्मास्युटिकल आज दुनिया के सबसे तेजी से बढती इंडस्ट्री में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग तकरीबन 42 हजार करोड रुपयों का है, जिसमें निर्यात भी शामिल है। इसमें प्रतिवर्ष लगभग 12 प्रतिशत की दर से बढोत्तरी रही है। उम्मीद है कि अगले पांच वर्ष में देश का फार्मास्युटिकल उद्योग करीब-करीब दोगुना हो जाएगा। माना जा रहा है कि वर्ष 2012 तक देश की कुल जीडीपी में इस सेक्टर का योगदान करीब 8 प्रतिशत होगा और उस समय तक इसमें लगभग 9 मिलियन रोजगार के अवसर सामने आएंगे। हालांकि इसमें बायो-टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। उल्लेखनीय है कि इस समय देश में 23 हजार से भी अधिक पंजीकृत फार्मास्युटिकल कंपनियां कार्यरत हैं। विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियां भी बडी संख्या में यहां सक्रिय हैं। भारत में रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स की अपार संभावना को देखते हुए मल्टीनेशनल कंपनियां यहां शोध व विकास गतिविधियों के लिए भारी निवेश भी कर रही हैं। वर्ष 2008 की प्रथम छमाही में देश के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में करीब 450 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया है। इस संबंध में इंडियन फार्मास्युटिकल असोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल दिलीप शाह का कहना है कि भारी मात्रा में निवेश को देखते हुए स्वाभाविक रूप से फार्मा रिसर्च के लिए प्रतिवर्ष एक हजार और साइंटिस्टों की जरूरत होगी। यही कारण है कि दवाओं के वितरण, मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशन, फार्मा मैनेजमेंट आदि में स्किल्ड लोगों की भारी मांग है। आईटी, टेलीकम्युनिकेशन आदि की तरह इस क्षेत्र में भी आकर्षक पैकेज वाले जॉब की भरमार है। पृष्ठ 1 का शेष यदि आप इस सेक्टर में करियर संवारना चाहते हैं, तो आपको बीएससी, बीफार्मा या डीफार्मा करने के बाद फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट का कोर्स करना होगा। इसके बाद आप राष्ट्रीय तथा बहुराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कंपनियों में अपने अनुकूल मनपसंद नौकरी आसानी से हासिल कर सकते हैं। इस फील्ड में आकर्षक वेतन के साथ-साथ उन्नति की भी भरपूर संभावनाएं हैं।
कार्य का स्वरूप
संबंधित कोर्स करने के बाद इस सेक्टर में आप अपनी योग्यता के अनुसार विभिन्न पदों पर काम पा सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं : मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, प्रोडक्ट्स एग्जीक्यूटिव, बिजनेस ऑफिसर अथवा बिजनेस एग्जीक्यूटिव, मार्केटिंग रिसर्च एग्जीक्यूटिव, ब्रांड एग्जीक्यूटिव, प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव, प्रोड्क्शन केमिस्ट, क्वालिटी कन्ट्रोल, क्वालिटी अश्युरेंस एग्जीक्यूटिव इत्यादि।
आवश्यक कोर्स और योग्यता
आज देशभर में 100 से अधिक संस्थानों द्वारा फार्मेसी में डिग्री कोर्स और 200 से अधिक संस्थानों में डिप्लोमा कोर्स चलाए जा रहे हैं। 12वीं के बाद सीधे डिप्लोमा किया जा सकता है। कुछ कॉलेजों में फार्मेसी में फुलटाइम कोर्स भी संचालित किए जाते है। कुछ संस्थानों द्वारा डुएल अवार्ड प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त द्विवर्षीय एमबीए (फार्मा मैनेजमेंट) की डिग्री के साथ एक वर्ष का प्रोफेशनल डिप्लोमा व फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट डिप्लोमा प्रदान किया जाता है। इस कोर्स में बीएससी केमिस्ट्री या बायोलाजी के साथ बी-फार्मा या डी-फार्मा कर चुके अभ्यार्थी प्रवेश के पात्र हैं। इस कोर्स के पहले दो सत्रों में फार्मास्युटिकल एवं मैनेजमेंट के विभिन्न पहलुओं का ज्ञान कराया जाता है। जबकि तीसरे सत्र में स्पेशलाइजेशन के तीन विषयों फार्मास्युटिकल सेल्स एंड मार्केटिंग मैनेजमेंट, फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट मैनेजमेंट तथा फार्मास्युटिकल प्रोडक्शन मैनेजमेंट में से किन्हीं दो विषयों का चयन करना होता है। इसके बाद चौथे सत्र में फील्ड ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, प्लेसमेंट वर्कशॅाप और कैंपस इंटरव्यू के प्रावधान हैं। इसके तहत स्टूडेंट को मल्टीस्किलिंग ट्रेनिंग दी जाती है।
करियर संभावनाएं
देश में तीसरी सबसे तेजी से बढने वाली फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री रोजगार की दृष्टि से सर्वाधिक संभावनाओं से भरी है। इसमें दक्ष युवा देशी-विदेशी कंपनियों में कई तरह के आकर्षक काम आसानी से पा सकते हैं, जैसे-बिजनेस एग्जीक्यूटिव व आफिसर, प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव आदि। दो से तीन वर्ष के अनुभव के बाद एरिया मैनेजर, रीजनल मैनेजर, प्रोडक्ट डेवलॅपर के रूप में प्रमोशन पाया जा सकता है।
सैलॅरी पैकेज
प्रशिक्षित लोगों की मांग देखते हुए इस क्षेत्र में वेतन भी तेजी से बढ रहा है। रिसर्च और इंट्री लेवॅल पर सैलॅरी डेढ लाख रुपये वार्षिक मिलती है, जो अनुभव के साथ 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक पहुंच सकती है। औषधि उत्पाद के क्षेत्र में भी यही स्थिति है। मार्केटिंग क्षेत्र में तो एक फ्रेशर को तीन से साढे तीन लाख रुपये वार्षिक तक मिल जाता है।
प्रमुख संस्थान
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च (एनआईपीईआर), सेक्टर-67, फेज-10, एसएएस नगर, पंजाब
वेबसाइट : www.niper.nic.in
एपिक इंस्टीयूट ऑफ हेल्थकेयर स्टडीज, डी-62, प्रथम तल, साउथ एक्सटेंशन, पार्ट-1, नई दिल्ली-49, फोन : 011-24649994, 24649965
वेबसाइट : www.apicworld.com
एसवीकेएम एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी, वीएल मेहता रोड, विले पार्ले-पश्चिम, मुंबई
वेबसाइट : www.nmims.edu
इंस्टीटयूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च, पुणे
वेबसाइट : www.pharmadiploma.com
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, मोहाली, चंडीगढ
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, जवाहर नगर जमशेदपुर
जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च, बेंगलुरु
(दिल्ली स्थित एपिक इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थकेयर स्टडीज के डायरेक्टर दीपक कुवंर से बातचीत पर आधारित )

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